Poetry of Pratibha Chauhan
पत्तो की डायरी
Sunday, July 29, 2012
गम नहीं
_____
कि चुभ गये
मेरे पैरों में
खुशी है कि रास्ते से
कांटे निकल गये ।
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
गजल संग्रह- “तुम भी नहीं’’ - श्री अनिरुद्ध सिन्हा
गजल संग्रह- “तुम भी नहीं’’ ( गज़लकार - श्री अनिरुद्ध सिन्हा) पृष्ठ -104...
गजल संग्रह- “तुम भी नहीं’’ - श्री अनिरुद्ध सिन्हा
गजल संग्रह- “तुम भी नहीं’’ ( गज़लकार - श्री अनिरुद्ध सिन्हा) पृष्ठ -104...
(no title)
आजकल पत्रिका में कुछ रचनायें...💐🙏🏻😊
माँ
तुम बिन लोक जगत मर्माहत सूने अंचल और इन्द्रधनुष प्रेम , त्याग , क्षमा , दया की धारा धैर्य , कुशलता , धर्म परायण जीवन रहा तुम्...
No comments:
Post a Comment